सावन सोमवार 2024 इस बार अद्भुत संयोग लेकर आ रहा है, क्योंकि सावन का महीना सोमवार से ही शुरू हो रहा है और इस महीने में पाँच सोमवार पड़ेंगे। इस लेख में सावन की तिथियाँ, शुभ योग और सावन सोमवार का महत्व शामिल है।
सावन 2024 मुख्य बातें
- सावन शुरू होने की तिथि: 22 जुलाई 2024 (सोमवार)
- समाप्ति तिथि: 19 अगस्त 2024
- कुल सावन सोमवार: पाँच
सावन 2024 तिथियाँ
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| तिथि | दिन | घटना |
|---|---|---|
| 22 जुलाई 2024 | सोमवार | सावन की शुरुआत |
| 29 जुलाई 2024 | सोमवार | दूसरा सावन सोमवार |
| 05 अगस्त 2024 | सोमवार | तीसरा सावन सोमवार |
| 12 अगस्त 2024 | सोमवार | चौथा सावन सोमवार |
| 19 अगस्त 2024 | सोमवार | पाँचवाँ सावन सोमवार, सावन समाप्ति |
सावन 2024 शुभ योग
- सावन शुरू होने की तिथि: 22 जुलाई 2024, सोमवार
- सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रातः 05:37 से रात्रि 10:21 तक
- प्रीति योग: 21 जुलाई 09:11 PM से 22 जुलाई 05:58 PM तक
- आयुष्मान योग: 22 जुलाई 05:58 PM से 23 जुलाई 02:36 PM तक
सावन सोमवार का महत्व
- आध्यात्मिक लाभ: सावन में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष आशीर्वाद और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
- पौराणिक पृष्ठभूमि: माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए सावन में कठोर तपस्या की थी, जिससे यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है।
- ज्योतिषीय प्रभाव: सावन सोमवार के व्रत से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और राहु-केतु के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।
सावन सोमवार की तिथियाँ 2024
- पहला सावन सोमवार: 22 जुलाई 2024
- दूसरा सावन सोमवार: 29 जुलाई 2024
- तीसरा सावन सोमवार: 05 अगस्त 2024
- चौथा सावन सोमवार: 12 अगस्त 2024
- पाँचवाँ सावन सोमवार: 19 अगस्त 2024
धार्मिक महत्व
- भगवान शिव की पूजा: भक्त सावन में विशेष प्रार्थना और अनुष्ठान करते हैं जिससे समृद्धि और कल्याण की प्राप्ति होती है।
- पौराणिक महत्व: मान्यता है कि सावन सोमवार में श्रद्धा से पूजा करने पर मनचाहा वर या वधू प्राप्त होता है।
- ज्योतिषीय दोषों का निवारण: सावन सोमवार का व्रत रखने से चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और राहु-केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
व्रत के लिए आवश्यक सामग्री
- अभिषेक के लिए दूध, दही, शहद और बिल्वपत्र
- व्रत के लिए फल और मेवे
- देवता के लिए सफेद वस्त्र
- मंत्रों के जाप के लिए रुद्राक्ष माला
निष्कर्ष
सावन सोमवार 2024 एक शुभ अवधि है जिसमें महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग हैं। श्रद्धा से व्रत और अनुष्ठान करने से आध्यात्मिक और भौतिक लाभ मिल सकते हैं। अपने कैलेंडर में इन महत्वपूर्ण तिथियों को चिन्हित करें और भगवान शिव को समर्पित इस पवित्र महीने का पूरा लाभ उठाएं।
