चार पत्ती वाला बेलपत्र का महत्व भगवान शिव के पूजन में विशेष स्थान Posted on July 14, 2024July 14, 2024 By admin Getting your Trinity Audio player ready... Spread the love सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए प्रसिद्ध है, और इस दौरान बिल्व पत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विशेष रूप से चार पत्ती वाला बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है। इस लेख में हम जानेंगे कि चार पत्ते वाले बेलपत्र का क्या महत्व है और इसे अर्पित करने के क्या फायदे हैं। चार पत्ती वाला बेलपत्र का महत्व चार पत्ती वाले बेलपत्र का धार्मिक महत्व शिव पूजन में विशेष स्थान: भगवान शिव को बेल पत्र अत्यंत प्रिय है और चार पत्तियों वाला बेलपत्र अर्पित करने से विशेष फल प्राप्त होता है। पापों का नाश: कहा गया है कि ‘दर्शनम् बिल्व पत्रस्य, स्पर्शनमं पाप नाशनम्’, अर्थात् बेल पत्र का दर्शन करने से पापों का शमन हो जाता है। चार पत्ती वाले बेलपत्र का वैज्ञानिक महत्व वायुमंडल की शुद्धि: बिल्व वृक्ष वायुमंडल में व्याप्त अशुद्धियों को सोखने की क्षमता रखता है। सांपों से सुरक्षा: बिल्व वृक्ष के आसपास सांप नहीं आते, जिससे यह वृक्ष सुरक्षा प्रदान करता है। चार पत्ती वाले बेलपत्र के लाभ भगवान शिव को अर्पित करने के लाभ समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति: चार पत्तियों वाला बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित करने से सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। मोक्ष की प्राप्ति: यदि किसी की शव यात्रा बिल्व वृक्ष की छाया से होकर गुजरे तो उसे मोक्ष प्राप्त होता है। चार पत्ती वाले बेलपत्र का दुर्लभ होना दुर्लभता और शुभता: चार पत्तियों वाला बेलपत्र मिलना और उसका दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। चार पत्तियों वाला बेलपत्र: विशेष लाभ और महत्व का सारांश . बिंदुविवरणधार्मिक महत्वभगवान शिव को प्रिय, पापों का नाशवैज्ञानिक महत्ववायुमंडल की शुद्धि, सांपों से सुरक्षापूजन में लाभमनोकामनाओं की पूर्ति, मोक्ष की प्राप्तिदुर्लभतादुर्लभ और शुभ माना जाता है FAQs चार पत्ती वाला बेलपत्र का धार्मिक महत्व क्या है? चार पत्ती वाला बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है। इसे अर्पित करने से पापों का नाश होता है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। 4 पत्ते वाले बेलपत्र का मिलना क्यों शुभ माना जाता है? चार पत्तियों वाला बेलपत्र मिलना अत्यंत दुर्लभ होता है और इसका दर्शन करने मात्र से शुभ फल प्राप्त होते हैं। क्या बेल वृक्ष के आसपास सांप नहीं आते? हाँ, बिल्व वृक्ष के आसपास सांप नहीं आते, जिससे यह सुरक्षा प्रदान करता है। बिल्व वृक्ष का वायुमंडल की शुद्धि में क्या योगदान है? बिल्व वृक्ष वायुमंडल में व्याप्त अशुद्धियों को सोखने की उच्च क्षमता रखता है, जिससे यह पर्यावरण को शुद्ध करता है। इस प्रकार, चार पत्ती वाला बेलपत्र का धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टियों से अत्यधिक महत्व है। भगवान शिव को अर्पित करने से यह विशेष फलदायी होता है। Download QR 🡻 Shravan
Shravan बिल्वपत्र चढ़ाने के 108 मंत्र (108 Bel Patra Mantra) Posted on July 14, 2024July 14, 2024 Spread the love Spread the love बेल पत्र, जिसे बेल के पत्ते भी कहा जाता है, भगवान शिव की पूजा में विशेष महत्व रखते हैं। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, शिवलिंग पर 108 बेल पत्र चढ़ाने और विशेष मंत्रों का जाप करने से दिव्य आशीर्वाद की प्राप्ति होती है और भक्तों की मनोकामनाएं… Read More
The Spiritual Significance of Shravan Month: A Journey of Devotion Posted on July 3, 2023January 22, 2025 Spread the love Spread the love Shravan, also known as Sawan, is a sacred month in the Hindu calendar filled with deep spiritual significance. It is a time when devotees embark on a journey of devotion, self-reflection, and inner transformation. In this blog, we will explore the spiritual significance of Shravan month, understanding… Read More
Rudrabhishek in Sawan Somvar: The Sacred Ritual of Worship Posted on July 5, 2023January 21, 2025 Spread the love Spread the love Rudrabhishek is a powerful and revered ritual performed during the auspicious month of Sawan, specifically on Mondays, known as Sawan Somvar. This ritual involves the worship of Lord Shiva in his Rudra form, seeking his blessings, and invoking divine grace. Rudrabhishek holds significant importance during Sawan Somvar,… Read More