देवघर श्रावणी मेला 2024 Posted on July 21, 2024July 21, 2024 By admin Getting your Trinity Audio player ready... Spread the love देवघर श्रावणी मेला का उद्घाटन तारीख: 21 जुलाई 2024 उद्घाटन स्थल: बिहार-झारखंड बॉर्डर विशेष आयोजन: नौ तीर्थपुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्र उच्चारण और भगवान शिव का आह्वान यात्रा की जानकारी यात्रा की शुरुआत: सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर यात्रा की दूरी: 100+ किलोमीटर विश्राम स्थल: देवघर में प्रवेश के बाद 10 किलोमीटर की यात्रा गंतव्य: बाबा बैद्यनाथ की शिवलिंग पर जलाभिषेक विशेष संयोग सावन की अवधि: 29 दिन पांच सोमवार: 22 जुलाई, 29 जुलाई, 5 अगस्त, 12 अगस्त, 19 अगस्त शुभ योग: सर्वार्थ सिद्धि योग, शिव वास, अमृत सिद्धि योग, प्रीति योग पूजा व्यवस्था में बदलाव स्पर्श पूजा बंद: अब श्रद्धालु शिवलिंग को स्पर्श नहीं कर पाएंगे। अरघा सिस्टम: अरघा के माध्यम से शिवलिंग के ऊपर जलार्पण कर सकते हैं। शीघ्रदर्शनम कूपन की कीमत: पिछले साल 500 रुपये थी, अब 600 रुपये कर दी गई है। देवघर श्रावणी मेला 2024 तालिका विशेष आयोजनजानकारीमेले की शुरुआत21 जुलाई 2024मेले का समापन19 अगस्त 2024यात्रा की दूरी100+ किलोमीटरस्पर्श पूजा बंदअरघा सिस्टम लागूशीघ्रदर्शनम कूपन की कीमत600 रुपये निष्कर्ष देवघर श्रावणी मेला 2024 में भाग लेने वाले कांवड़ियों के लिए यह एक अद्वितीय अनुभव है। विशेष संयोग और शुभ योग इस मेले को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं। पूजा व्यवस्था में किए गए बदलावों के साथ, श्रद्धालु अधिक संगठित और सुविधाजनक तरीके से भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं। अधिक जानकारी देवघर श्रावणी मेला 2024 की अधिक जानकारी और ताजातरीन अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करें। महत्वपूर्ण जानकारी स्वास्थ्य और सुरक्षा निर्देश पेयजल की उपलब्धता: मेले के दौरान कई स्थानों पर साफ पेयजल उपलब्ध रहेगा। स्वास्थ्य सुविधाएं: कांवड़ियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। प्रथम सहायता केंद्र: प्रमुख स्थानों पर प्रथम सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। ट्रैफिक और परिवहन व्यवस्था विशेष बस सेवाएं: सुल्तानगंज से देवघर तक विशेष बस सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। पार्किंग सुविधा: देवघर में कई स्थानों पर कांवड़ियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। रास्ते के दिशा-निर्देश: कांवड़ियों को सही दिशा-निर्देश देने के लिए प्रमुख मार्गों पर संकेतक लगाए गए हैं। FAQs 1. क्या मैं किसी भी दिन देवघर श्रावणी मेले में शामिल हो सकता हूँ? हाँ, आप मेले की अवधि (21 जुलाई 2024 से 19 अगस्त 2024) के दौरान किसी भी दिन मेले में शामिल हो सकते हैं। 2. क्या विशेष पूजा का आयोजन होता है? हाँ, विशेष पूजा और अभिषेक के लिए अरघा सिस्टम और शीघ्रदर्शनम कूपन उपलब्ध हैं। 3. क्या बच्चों के लिए कोई विशेष व्यवस्था है? बच्चों के लिए भी विशेष स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाएँ की गई हैं। 4. क्या मेले में खाने-पीने की व्यवस्था है? हाँ, मेले में विभिन्न प्रकार के शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था है। Download QR 🡻 Shravan
Worshiping Lord Shiva in Sawan with Bel Patra Leaves Posted on July 6, 2023January 21, 2025 Spread the love Spread the love Worshiping holds a crucial place in various cultures and religions, often involving the use of specific elements or objects that carry symbolic meanings. In Hinduism, the month of Sawan (also known as Shravan) is considered highly auspicious, dedicated to Lord Shiva. One significant ritual during this time… Read More
Shravan बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक कब लगाना चाहिए Posted on July 14, 2024July 14, 2024 Spread the love Spread the love हमारे हिंदू धर्म में पेड़-पौधों को देवताओं के रूप में पूजा जाता है। तुलसी, नीम, बरगद, शमी, और बेलपत्र के पेड़ को विशेष महत्व दिया गया है। बेलपत्र का पेड़ भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है और इसकी पूजा विशेष रूप से की जाती है। आइए… Read More
Rudrabhishek in Sawan Somvar: The Sacred Ritual of Worship Posted on July 5, 2023January 21, 2025 Spread the love Spread the love Rudrabhishek is a powerful and revered ritual performed during the auspicious month of Sawan, specifically on Mondays, known as Sawan Somvar. This ritual involves the worship of Lord Shiva in his Rudra form, seeking his blessings, and invoking divine grace. Rudrabhishek holds significant importance during Sawan Somvar,… Read More